सुधीर चौधरी जी न्यूज़ पत्रकार करोड़ों की उगाई के मामले में हुए गिरफ़्तार

292

ज़ी न्यूज़ चैनल के ऊपर शुरुआत से ही बीजेपी सरकार समर्थक न्यूज़ चलाने जबकि कांग्रेस के खिलाफ़ खबरे प्रसारित करने के आरोप लगते रहे हैं| लेकिन जब उनके 2 वरिष्ट पत्रकारों की गिरफ्तारी हुई तो मानो ज़ी न्यूज़ की सत्यता को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गये थे|

जी हाँ अगर याद हो तो साल 2012 में कोयला घोटाले से जुड़ी रिपोर्ट नहीं प्रसारित करने के लिए कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल ने जी न्यूज चैनल के दो वरिष्ठ पत्रकारों पर करीब 100 करोड़ रुपये की मोटी रक़म मांगने का आरोप लगाया था जिसके चलते पुलिस ने दोनों को गिरफ़्तार भी किया था| दोनों पत्रकार और कोई नहीं बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र के जाने में जी न्यूज के प्रमुख सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के प्रमुख समीर अहलूवालिया थे| जिनपर गंभीर आरोप लगते हुए नवीन जिंदल ने एक सीडी भी जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर जी न्यूज के दोनों वरिष्ट पत्रकार जिंदल ग्रुप के अधिकारियों से सौदा करते हुए कह रहे थे कि पैसे मिलने के बाद चैनल जिंदल ग्रुप के बारे में नकारात्मक स्टोरी प्रसारित नहीं करेगा| आरोपी सुधीर चौधरी ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि||

“यह आरोप साजिशन लगाया जा रहा है| यह दबाव बनाने की रणनीति है ताकि चैनल को इस तरह की रिपोर्ट प्रसारित करने से रोका जा सके| सरकारी दस्तावेजों केआधार पर कोयला घोटाले से संबंधित हमने ऐसी रिपोर्ट की सीरीज चलाई थी| यह हमारे भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान पर प्रतिक्रिया है|” जिंदल ने चैनल पर आरोप लगते हुए कहा कि चैनल में घोटाले में जबरन उनका नाम खींचा है| इस बात को लेकर जब उन्होंने बात उठायी तो दोनों पत्रकारों ने उनसे 100 करोड़ की मांग की, मना करने पर दोन उनके खिलाफ फ़र्जी खबरें दिखाने लग गये| करीब 5 साल पहले 25 अक्टूबर 2012 को ज़ी न्यूज़ में कोयला ब्लाक आंवटन में नाम आने पर कांग्रेस सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने एक स्टिंग ऑपरेशन की सीडी जारी कर देशभर में खलमली मचा दी थी| इस CD को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी करते हुए उन्होंने स्टिंग ऑप्रेशन को दिखाया था| इस दौरान ही नवीन जिंदल ने कहा था कि||

“कोल ब्‍लॉक मामले में जी न्‍यूज उनके खिलाफ गलत खबर दिखा रहा था| जब इसके लिये हमने न्‍यूज चैनल से बात की तो मुझसे 20 करोड़ रुपये मांगे गये| बाद में ये रकम बढ़ाकर 100 करोड़ कर दी गई|” तमाम आरोपों से चैनल और दोनों आरोपी पत्रकार लगातार इनकार करते रहे लेकिन बावजूद इसके पुलिस ने दोनों को इस गंभीर आरोप में गिरफ़्तार करते हुए न केवल देश में बल्कि पत्रकारिता के क्षेत्र में भी खलबली मचा दी थी|

अधिक जानकारी के  लिए देखें विडियो :-